गाजीपुर। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर जनपद गाजीपुर में किसान सम्मान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, पीजी कॉलेज गोराबाजार परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें करीब 1200 किसानों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में खेती को केवल परंपरागत कार्य के रूप में नहीं, बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसान धान और गेहूं की खेती तक ही सीमित रह जाते हैं, जिसका मुख्य कारण जोखिम लेने की कम प्रवृत्ति है। बदलते समय में फसल विविधीकरण और नवाचार ही किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।
जिलाधिकारी ने छोटे जोत वाले किसानों से कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि एफपीओ के माध्यम से किसानों को एक मजबूत मंच, बेहतर संसाधन और बाजार तक सीधी पहुंच मिल सकती है। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादन तो कर लेते हैं, लेकिन बाजार की उपलब्धता और बिक्री की गारंटी के अभाव में पिछड़ जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों एवं एफपीओ को मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि किसानों की सफलता की कहानियां जिले में हो रहे कृषि विकास के उल्लेखनीय प्रयासों को दर्शाती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने सम्मानित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।
किसान सम्मान समारोह में कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं दुग्ध विकास के क्षेत्र में सर्वोच्च उत्पादकता प्राप्त करने वाले 36 किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कृषक उत्पादक संगठनों में सर्वाधिक टर्नओवर, औषधीय खेती, श्री अन्न उत्पादों की ब्रांडिंग, महिला कृषि उद्यमिता, प्राकृतिक खेती तथा टिश्यू कल्चर से केले की खेती जैसे नवाचारों के लिए सात अन्य किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
किसान मेले एवं प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों, संस्थाओं, बैंकों एवं निजी कंपनियों द्वारा तीन दर्जन से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। मेले में ड्रोन तकनीक, पराली बेलर मशीन, पावर टीलर, औषधीय उत्पाद तथा रेडी-टू-ईट श्री अन्न उत्पाद किसानों के आकर्षण का केंद्र रहे। खराब मौसम और भीषण ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण रही।

