गाजीपुर। सुप्रीम कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कार्यरत अनुदेशकों के मानदेय को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अनुदेशकों का मानदेय ₹7,000 से बढ़ाकर ₹17,000 करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, वर्ष 2017-18 से बकाया एरियर का भुगतान करने और उन्हें स्थायी करने पर भी विचार करने को कहा गया है। अनुदेशक लंबे समय से न्यूनतम मानदेय पर शिक्षक के रूप में छात्रों को शिक्षा दे रहे थे। अपनी मांगों को लेकर अनुदेशक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिस पर यह फैसला आया है। इस फैसले की जानकारी मिलते ही अनुदेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई। गाजीपुर के सदर यूआरसी (URC) पर अनुदेशकों ने अपनी जीत का जश्न मनाया। उन्होंने इसे अपने धैर्य और तपस्या का प्रतिफल बताया। अनुदेशकों ने यह भी बताया कि कोर्ट ने उन्हें ‘बंधुआ मजदूर’ की तरह कार्य करने को लेकर टिप्पणी की थी, जिससे उन्हें विशेष खुशी मिली है। अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी सेवा शर्तें बेहतर होंगी। इस मौके पर अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार,अश्वनी कुमार सिंह,कुंजन तिवारी,यादवेंद्र,रविन्द्र सिंह यादव,धनंजय चक्रवती,संगीता सिंह,शोभनाथ आदि मौजूद रहे।



