गाजीपुर। जिले में स्टीकर के नाम पर की जा रही अवैध वसूली के गंभीर मामले में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कासिमाबाद थाना क्षेत्र में वाहनों से अवैध वसूली के आरोप में प्रभारी निरीक्षक कासिमाबाद नंदकुमार तिवारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक नंदकुमार तिवारी के कार्यक्षेत्र में तैनात आरक्षी चालक आशीष सिंह, थाना कासिमाबाद के मुंशी विनय सिंह और होमगार्ड सर्वेश यादव के सहयोग से धीरज गिरि द्वारा 16 दिसंबर को दोपहर लगभग 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक कासिमाबाद और बलिया जनपद के रसड़ा क्षेत्र में सड़कों पर आने-जाने वाले वाहनों को रोका गया। आरोप है कि वाहनों पर स्टीकर लगाकर प्रति वाहन 200 रुपये की अवैध वसूली की गई।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दंड एवं अपील) नियमावली-1991 के नियम 17 (1) (क) के अंतर्गत प्रभारी निरीक्षक नंदकुमार तिवारी, आरक्षी चालक आशीष सिंह और आरक्षी विनय सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान तीनों पुलिस लाइन गाजीपुर से संबद्ध रहेंगे तथा बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।



