गाजीपुर: जिला पंचायत सभागार में बुधवार को जिला पंचायत सदस्यों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी विकास खंडों से पहुंचे सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कराए गए विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए 66 प्रतिशत प्रस्ताव जिला पंचायत सदस्यों द्वारा और 34 प्रतिशत प्रस्ताव जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा लाए जाने का निर्णय पूर्व में लिया जा चुका है। इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली किए जाने पर सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराने की चेतावनी दी।
सदस्यों ने बताया कि 29 मार्च 2025 को हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि विकास कार्य 66 प्रतिशत सदस्यों और 34 प्रतिशत अध्यक्ष के प्रस्ताव के आधार पर कराए जाएंगे। लेकिन वर्तमान में जारी टेंडर में सभी सदस्यों के लिए अलग-अलग बजट निर्धारित कर दिया गया है, जो पूर्व निर्णय के विपरीत है।
जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि यदि बजट का विभाजन 66 प्रतिशत और 34 प्रतिशत के अनुपात में नहीं किया गया, तो वे इस टेंडर प्रक्रिया और संबंधित बैठकों का पुरजोर विरोध करेंगे।
सदस्यों ने यह भी बताया कि इस मुद्दे को लेकर 2 जनवरी 2026 को बैठक प्रस्तावित है, लेकिन इसकी सूचना केवल दो दिन पहले दी गई है, जबकि नियमों के अनुसार बैठक की सूचना कम से कम एक सप्ताह पूर्व दी जानी चाहिए। इसी कारण सभी सदस्यों ने 2 जनवरी की बैठक के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
सदस्यों ने मांग की कि पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों एवं गाजीपुर जिला पंचायत सदन में पारित प्रस्तावों के अनुरूप ही विकास कार्य कराए जाएं। चेतावनी दी गई कि यदि नियमों की अनदेखी जारी रही, तो जिला पंचायत सदस्य आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में नीलम भारती, निशा यादव, खेदन यादव, कमलेश कुमार यादव, महेश यादव, अजय कुमार, भरत राय, रामकृष्ण, नरेंद्र, वंदना देवी, अनुराग यादव, आलोक कुमार, प्रभाकर जायसवाल, रणजीत यादव, अर्चना यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



