गाजीपुर । 10 अप्रैल को जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जारी की जनपद की सभी सात विधानसभाओं की अंतिम सूची का प्रकाशन, इस दौर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपनी संतुष्टि दी और पूरी प्रक्रिया को सही और पारदर्शी बताया। इस दौरान जिलाधिकारी गाजीपुर, अविनाश कुमार ने कहा कि, मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया गया है। सभी दावों और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण किया गया, जिससे अंतिम सूची अधिक शुद्ध और अद्यतन बन सकी है। प्रशासन का प्रयास है कि आगामी चुनाव में अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें।राजनीतिक दलों के उपस्थित प्रतिनिधियों में कांग्रेस प्रतिनिधि रविकांत राय ने कहा कि प्रशासन द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया संतोषजनक रही है। पारदर्शिता बनाए रखी गई है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी। बसपा जिलाध्यक्ष रमेश कुशवाहा ने कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सही तरीके से किया गया है। इससे चुनाव निष्पक्ष और व्यवस्थित होंगे।सपा प्रतिनिधि राजेश यादव ने भी प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए कहा इस बार पुनरीक्षण कार्य बेहतर ढंग से हुआ है। उम्मीद है कि मतदान प्रतिशत में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने जम लोग की आपत्तियों का निराकरण संतोष जनक तरीके से किया हालांकि हम लोगों ने प्रक्रिया के दौरान अपनी नजर बना रखी थी। आंकड़ों को देखें तो जनपद में कुल सात विधान सभाओं में जेंडर रेशियो 839 और ईपी रेशियो 58.95% दर्ज किया गया है। पुनरीक्षण के दौरान 65 लाख से अधिक नोटिस जारी किए गए, जबकि NGSP पोर्टल पर 1,412 और कंट्रोल रूम (1950) पर 1,032 शिकायतों का निस्तारण किया गया। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 21,650 और सर्विस मतदाता 17,980 दर्ज किए गए हैं। वहीं 18–19 आयु वर्ग के 32,006, 80 वर्ष से अधिक आयु के 48,682 और 100 वर्ष से अधिक आयु के 377 मतदाता सूची में शामिल हैं।विधानसभा वार मतदाताओं की स्थिति…जनपद की सभी 7 विधानसभा सीटों—जखनियां, सैदपुर, गाजीपुर, जंगीपुर, जहूराबाद, मोहम्मदाबाद और जमानियां में मतदाता संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है, जो निर्वाचन प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान संरचना में बदलाव देखा गया, मतदान स्थलों की संख्या बढ़ाकर 3,378 और मतदान केन्द्र 1,619 कर दिए गए हैं। बीएलओ की संख्या बढ़ाकर 3,378 और सुपरवाइजर 347 कर दिए गए हैं। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 10,875 एजेंट तैनात किए गए हैं। कुल मिलाकर, व्यापक सत्यापन और सुधार प्रक्रिया के बाद तैयार की गई यह अंतिम मतदाता सूची आगामी चुनावों के लिए मजबूत आधार मानी जा रही है। जिससे मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी होगी।



