गाजीपुर | दुल्लहपुर: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी घरौनी (ग्रामीण आबादी स्वामित्व) योजना को लेकर गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जफरपुर डीहा ग्राम सभा की चौहान बस्ती में गंभीर विवाद सामने आया है। बस्ती के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से आबादी की जमीन पर वास्तविक कब्जा रखने वालों के नाम पर घरौनी न बनाकर, अन्य व्यक्तियों के नाम से घरौनी जारी कर दी गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ माह पूर्व शासनादेश के तहत ड्रोन कैमरे से सर्वे कराया गया था, जिसे क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा संपन्न कराया गया। लेकिन जब ग्रामीणों ने सरकारी वेबसाइट पर अपनी घरौनी की स्थिति जांची, तो उन्हें यह जानकर झटका लगा कि उनके मकान और जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी गई है।

दो तल्ला मकान होने के बावजूद जमीन दूसरे के नाम
पीड़ितों का कहना है कि चौहान बस्ती में कई ऐसे लोग हैं, जिनके वर्षों पुराने पक्के और दो तल्ला मकान मौजूद हैं, इसके बावजूद उनकी जमीन किसी और के नाम घरौनी में दर्शा दी गई है। इससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
लेखपाल पर रिश्वत और मिलीभगत का आरोप
इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए उप जिलाधिकारी जखनिया को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ताओं में रामनारायण चौहान, लालजी चौहान, विंदु देवी (जिनका दो तल्ला मकान किसी अन्य के नाम दर्ज बताया गया है), रामा चौहान, उर्मिला देवी, उषा चौहान, सविता चौहान, रामविलास चौहान सहित लगभग 20 से अधिक ग्रामीण शामिल हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वे के दौरान लेखपाल द्वारा न तो आधार कार्ड मांगा गया, न ही कोई अन्य दस्तावेज लिया गया और न ही ग्रामीणों को किसी प्रकार की सूचना दी गई। केवल ड्रोन सर्वे के नक्शे के आधार पर घरौनी तैयार कर दी गई, जिससे वास्तविक कब्जाधारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने लेखपाल पर रिश्वत और मिलीभगत के भी आरोप लगाए हैं।
प्रशासन और लेखपाल का पक्ष
इस मामले में उप जिलाधिकारी जखनिया अतुल कुमार ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं आरोपों पर क्षेत्रीय लेखपाल राकेश यादव ने सफाई देते हुए कहा कि अभी तक किसी प्रकार का कोई नोटिस या पत्रावली जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब नोटिस जारी होगा, तब स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी को आपत्ति है तो वह 15 दिन के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकता है। रिश्वत लेने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और कुछ लोग चुनावी रणनीति के तहत ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
पूरे मामले के उजागर होने के बाद जफरपुर डीहा की चौहान बस्ती में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घरौनी योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन लोगों का वास्तविक कब्जा है, उन्हीं के नाम सही ढंग से घरौनी जारी की जाए, ताकि गरीब और मेहनतकश ग्रामीणों को न्याय मिल सके।



