गाजीपुर। फतेहुल्लापुर समेत जनपद के दर्जनभर गांवों में बच्चों के दिव्यांग होने का मामला सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में प्रमुखता से छाया रहा। बैठक में जनपद के सभी विधायक, जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान बच्चों में बुखार आने के बाद दिव्यांगता के लक्षण दिखने के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि वे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के नाते इस संवेदनशील मामले की पूरी और स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।
इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि जिस तरह से इस मामले को प्रस्तुत किया जा रहा है, उसका वास्तविक स्थिति से पूर्णतः मेल नहीं है। अधिकारियों के अनुसार यह मामला 11 गांवों के 43 दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़ा है और सभी में एक जैसे लक्षण नहीं पाए गए हैं। कुछ मामलों में गर्भ में ही लक्षण उत्पन्न हुए हैं, जबकि कुछ बच्चों में जन्म के समय या जन्म के बाद ये लक्षण सामने आए हैं।
दिव्यांग बच्चों के मामले पर जताई गई चिंता
बैठक में सांसद के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया कि सभी दिव्यांग व्यक्तियों एवं उनके परिवारों से तत्काल संपर्क कर उन्हें शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। यह भी स्पष्ट किया गया कि चाहे लाभार्थी ने आवेदन किया हो या नहीं, मौके पर जाकर उन्हें योजनाओं से आच्छादित किया जाए।
इसके साथ ही यह भी कहा गया कि भले ही प्रारंभिक जांच में कोई ठोस कारण सामने न आया हो, लेकिन यदि पानी में किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका है तो पानी के नमूने जनपद स्तर तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक परीक्षण हेतु बाहर भेजे जाएं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जा सके।
राज्यपाल को जानकारी देने पर जताई नाराजगी
सांसद अफजाल अंसारी ने इस बात पर भी दुख जताया कि इस गंभीर मामले की जानकारी उन्हें समय रहते नहीं दी गई, जबकि राज्यपाल को इसकी सूचना भेज दी गई। इस दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सभी समस्याओं का समाधान राज्यपाल स्तर से ही हो जाता है, तो फिर गाजीपुर से मऊ तक रेल लाइन जोड़ने जैसी महत्वपूर्ण परियोजना को क्यों ड्रॉप कर दिया गया।



