गाजीपुर। जनपद में एक हैरान कर देने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जहां घर की छत पर खेल रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची के सिर में अचानक गोली लग गई। शुरुआत में परिजनों को यह समझ ही नहीं आया कि बच्ची के सिर से खून क्यों निकल रहा है, लेकिन बाद में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गाजीपुर पुलिस ने बताया कि बस्तौली गांव के रमेश की बच्ची अपने घर की छत पर खेल रही थी। इसी दौरान कहीं से तेज फायरिंग की आवाज सुनाई दी। फायरिंग से निकली गोली पास में लगे टीन शेड को भेदते हुए सीधे बच्ची के सिर में जा लगी। बच्ची के सिर से खून बहने लगा, जिससे परिजन घबरा गए।
परिजन बच्ची को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इसे मामूली चोट समझते हुए सिर पर टांके लगा दिए और पट्टी बांधकर घर भेज दिया। हालांकि शाम होते-होते बच्ची की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए।
डॉक्टरों की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि बच्ची के सिर में गोली फंसी हुई है, और यदि समय रहते इलाज नहीं किया गया तो उसकी जान भी जा सकती है। अस्पताल में बेड उपलब्ध न होने के कारण बच्ची को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
ट्रॉमा सेंटर में करीब पांच घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बच्ची के सिर से गोली सफलतापूर्वक निकाल दी। फिलहाल बच्ची आईसीयू में भर्ती है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और पूरे इलाके की गहन जांच शुरू कर दी गई। जांच में सामने आया कि गोली ऊपर से आई थी, जिसने टीन शेड को चीरते हुए बच्ची के सिर को निशाना बनाया। टीन शेड में बने छेद से पुलिस को घटनाक्रम की अहम जानकारी मिली है। फिलहाल पुलिस को कोई लाइसेंसी हथियार बरामद नहीं हुआ है।
बच्ची के पिता ने गाजीपुर थाने में अज्ञात फायरिंग करने वाले के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि समय रहते सही जांच की जाती, तो बच्ची की हालत और बेहतर हो सकती थी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिहायशी इलाके में चली यह गोली आखिर कहां से आई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।



