सभी आरोपियों पर 5-5 हजार का अर्थदंड
गाजीपुर। दहेज हत्या के मामले में जिला जज की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पति को 10 साल और सास-ससुर को 7-7 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दरअसल गाजीपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय में जिला जज धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय की अदालत ने गुरुवार को दहेज हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाया। मामला थाना भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के अलीपुर मदरा गांव का है। वर्ष 2020 में सोनी कश्यप की शादी संदीप कश्यप से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद दो लाख रुपये, मोटरसाइकिल और फ्रिज की मांग को लेकर पति, सास और ससुर द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मृतका के भाई निरंजन कश्यप की तहरीर पर 14 सितंबर 2024 को दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप था कि 13 सितंबर 2024 को सोनी की हत्या कर उसे फांसी पर लटका दिया गया। विवेचना के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने बताया कि अभियोजन की ओर से कुल 8 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पति संदीप कश्यप को बीएनएस की धारा 80(2) के तहत 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं सास बसंती देवी और ससुर किशुन कश्यप को 7-7 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा दी गई है। तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके अतिरिक्त आरोपियों को धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत एक वर्ष की सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।



