गाजीपुर। देवकली कैनाल अंतर्गत बरईपार गांव स्थित पुल की हालत इन दिनों अत्यंत जर्जर हो चुकी है। पुल की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे सकता है, लेकिन इसके बावजूद नहर विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

यह पुल बरईपार, सलेमपुर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, दुपहिया व चारपहिया वाहन तथा स्कूली बच्चे इसी पुल से होकर गुजरते हैं। बावजूद इसके न तो पुल की मरम्मत कराई गई है और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया है, जिससे कभी भी गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पत्रकारों ने जीरो ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान पाया कि पुल की स्थिति वास्तव में बेहद चिंताजनक है। पुल में जगह-जगह दरारें, कमजोर स्लैब और टूटे हुए किनारे साफ दिखाई दे रहे हैं, जो विभागीय लापरवाही को उजागर करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुल की हालत और भी खराब हो जाती है, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
ग्रामीणों का दर्द: हर वक्त हादसे का डर
ग्रामीणों ने बताया कि यह पुल कई वर्षों से जर्जर अवस्था में है। उनका कहना है,
“हम लोग रोज इसी पुल से आते-जाते हैं। बच्चों और महिलाओं को लेकर सबसे ज्यादा चिंता रहती है। कभी भी पुल गिर सकता है, लेकिन नहर विभाग आंख मूंदे बैठा है।”
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, इसके बावजूद विभाग ने कोई सुध नहीं ली।
प्रशासन व नहर विभाग पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पुल की मरम्मत या नए पुल का निर्माण नहीं कराया गया और कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नहर विभाग और प्रशासन की होगी।
इस दौरान मौके पर अंबिका यादव, रामबृक्ष यादव, फौजदार यादव, सर्वेश यादव, विनोद यादव, गुड्डू पाण्डेय, रोहित मिश्रा, उमेश यादव (प्रधान प्रत्याशी), संतोष यादव, हरिहर दुबे, अवधेश दुबे, सत्यम दुबे, राजिंदर यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने पुल की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई।
राष्ट्रीय बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस संबंध में राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष सूर्यभान पाण्डेय ने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या को लगातार नजरअंदाज करते रहे, तो संगठन द्वारा जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा।
— अजीत विक्रम



