गाजीपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश राम अवतार प्रसाद की अदालत ने आरोपी कमलेश कुमार को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹32,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि का 50 प्रतिशत पीड़िता को दिया जाएगा। इस मामले की पुष्टि विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कोर्ट रविकांत पाण्डेय ने की है। उन्होंने बताया कि यह मामला शादियाबाद थाना क्षेत्र का है और वर्ष 2018 का प्रकरण है। दरअसल, आरोपी कमलेश कुमार गांव का ही रहने वाला था। आरोप है कि उसने नाबालिग पीड़िता को यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसकी मां बैंक में हैं। उस समय पीड़िता विद्यालय जा रही थी। रास्ते में आरोपी ने उसके साथ छेड़खानी की और बाद में दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता को धमकाया भी गया था। घटना के बाद जब पीड़िता घर पहुंची तो उसने अपनी आपबीती परिजनों को बताई। परिजनों के अनुसार आरोपी पहले भी पीड़िता के साथ इस तरह की हरकत कर चुका था। इसके बाद पीड़िता के पिता ने शादियाबाद थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। जांच के दौरान पीड़िता के 161 के बयान में दुष्कर्म और धमकी देने की पुष्टि हुई। इसके बाद जुलाई 2019 में न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376, 506 आईपीसी और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय किए। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रभु नारायण सिंह द्वारा प्रभावी पैरवी की गई और कुल 7 गवाह न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिनकी गवाही संदेह से परे पाई गई। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी कमलेश कुमार को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा और ₹32,000 के अर्थदंड का फैसला सुनाया है।



