गाजीपुर में सिपाही पर रेप का आरोप लगाने वाली 10वीं की छात्रा ने अपनी जान को खतरा बताया है।उसका कहना है कि शुक्रवार को जब वह एसपी के सामने बयान दर्ज कराकर घर लौटी तो सिपाही ने उसे फोन कर जान से मारने की धमकी दी। कहा-अब चाहे नौकरी जाए या जेल जाऊं तुम्हे मारकर जाउंगा।छात्रा का कहना है कि अब वह किसी दबाव में पीछे नहीं हटेगी। उसने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अधिकारियों को मामले से जुड़े कॉल रिकॉर्डिंग, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत दिए हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि छात्रा ने दो दिन पहले सिपाही मोहित यादव पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। छात्रा ने कहा था- सिपाही ने मुझे शादी का झांसा देकर जाल में फंसाया। होटल ले जाकर बिना कपड़ों के मेरी फोटो खींच ली। मुझे ब्लैकमेल करने लगा। दूसरों के साथ सेक्स करने के लिए भेजा।इसके बाद छात्रा ने वीडियो बनाकर एसपी से सिपाही के खिलाफ शिकायत की थी। वहीं, गहमर थाने में तैनात सिपाही मोहित यादव ने कहा था- मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही। वह प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है।पीड़िता ने एसपी ग्रामीण के सामने दर्ज कराया बयानछात्रा ने शनिवार सुबह एक वीडियो जारी किया। वीडियो में बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उसे फोन कर जमानिया सीओ ऑफिस बुलाया गया था। वहां एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर के सामने शाम करीब 5 बजे तक उसका बयान दर्ज किया गया। इस दौरान दिलदारनगर, जमानिया और गहमर थाने की पुलिस मौजूद थी। छात्रा के अनुसार, बयान दर्ज कराने के बाद वह शाम करीब 6:30 बजे घर पहुंची थी। इसके करीब एक घंटे बाद, शाम 7:30 बजे सिपाही मोहित यादव का फोन आया। छात्रा ने बताया कि सिपाही ने फोन पर कहा कि उसे एक अच्छी खबर मिली है। जब उसने खबर के बारे में पूछा, तो सिपाही ने कहा कि उसे पता चल गया है कि वह अपना बयान दर्ज करा चुकी है और अब मुकदमा दर्ज होने वाला है।छात्रा का आरोप है कि इसके बाद सिपाही ने उससे कहा कि वह वकील से मिलकर उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराएगा। बोला- नौकरी चाहे रहे या चली जाए उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। दुष्कर्म के मामले में जेल जाने से पहले वह छात्रा की हत्या कर देगा। छात्रा ने मामले में दो अलग-अलग तारीखों वाले स्टांप पेपर का भी जिक्र किया है। उसके मुताबिक, एक स्टांप पेपर पर 10 अक्टूबर 2026 की तारीख दर्ज है। पीड़िता का आरोप है कि इस पर उसकी मां के सिग्नेचर फर्जी तरीके से किए गए हैं। उसने इसके लिए सिपाही के परिवार के एक सदस्य पर आरोप लगाया है।दूसरे स्टांप पेपर पर 17 अक्टूबर 2026 की तारीख होने की बात कही गई है। छात्रा का आरोप है कि सीओ ऑफिस में बयान देने के बाद लौटते समय मोहित ने उस पर दबाव डालकर सिग्नेचर कराए।20 अक्टूबर को घर पहुंचे थे आरोपी के माता-पिताछात्रा ने बताया कि 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन मोहित अपने माता-पिता के साथ मामले में समझौता करने उसके घर आया था। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि सिपाही के पिता ने धमकी दी थी कि अगर कुछ हुआ तो वे पूरे परिवार को फंसा देंगे।



