गाजीपुर। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे एक एनआरआई युवक से प्रतिष्ठित रेस्तरां ब्रांड मोती महल की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को शिकायती पत्र सौंपा है।
हरियाणा के सेक्टर-4 रोहतक निवासी संदीप कुमार, जो वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा शहर में रहते हैं, ने बताया कि करीब चार वर्ष पूर्व उनकी जान-पहचान सैदपुर क्षेत्र के मुड़ियार निवासी शलभ सिंह से हुई थी। जनवरी 2024 में भारत आने पर उनकी गाजीपुर में मुलाकात हुई। इसके बाद सितंबर 2024 में शलभ सिंह ने गाजीपुर शहर में मोती महल रेस्तरां की फ्रेंचाइजी खोलने की योजना बताते हुए साझेदारी का प्रस्ताव दिया।
पीड़ित के अनुसार आरोपित ने कुछ कागजात दिखाकर फ्रेंचाइजी की प्रक्रिया अंतिम चरण में होने का दावा किया। इस पर भरोसा कर संदीप कुमार ने ऑनलाइन माध्यम से अपने बैंक खाते से 10 लाख रुपये शलभ सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके साथ ही साझेदारी से संबंधित कागजात तैयार कराने के लिए अपने पहचान पत्रों की प्रतियां भी उपलब्ध करा दीं।
आरोप है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद न तो रेस्तरां खोला गया और न ही कोई वैधानिक कागजी कार्रवाई की गई। बार-बार पूछने पर आरोपित टालमटोल करता रहा। बाद में जानकारी करने पर पीड़ित को पता चला कि आरोपित पूर्व में भी कई लोगों से इसी तरह धनराशि वसूल चुका है।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपित ने जान-माल की धमकी देते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाने की बात कही और रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। संदीप कुमार ने पुलिस अधीक्षक से शलभ सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 10 लाख रुपये ब्याज सहित वापस दिलाने की मांग की है।



