समाजसेवी संजय कुमार यादव ने जरूरतमंदों के बीच किया कंबल व खाद्य सामग्री वितरण
गाजीपुर। कड़ाके की ठंड और बढ़ती महंगाई के इस दौर में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के लिए की गई छोटी-सी मदद भी बड़ी राहत साबित होती है। ऐसा ही एक मानवीय और प्रेरणादायी दृश्य गाजीपुर सदर ब्लॉक की सकरा ग्राम सभा अंतर्गत मुसहर बस्ती में देखने को मिला, जब समाजसेवी संजय कुमार यादव ने जरूरतमंद परिवारों के बीच कंबल एवं खाद्य सामग्री का वितरण कर समाजसेवा की सशक्त मिसाल पेश की।

कार्यक्रम के दौरान बस्ती के बच्चे, महिलाएं, युवा एवं बुजुर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जरूरतमंदों को कंबल के साथ लाई, तिलवा, डूंडा सहित आवश्यक खाद्य सामग्री प्रदान की गई। विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों को प्राथमिकता दी गई, जिससे वे ठंड से सुरक्षित रह सकें। कंबल और खाद्य सामग्री पाकर मुसहर बस्ती के लोगों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलकता नजर आया।
सीमित आमदनी, अस्थायी रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां के लोगों का जीवन पहले से ही संघर्षपूर्ण है। सर्दी के मौसम में हालात और भी कठिन हो जाते हैं, जब पर्याप्त वस्त्र और भोजन की व्यवस्था कर पाना बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे समय में संजय कुमार यादव द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल तात्कालिक राहत देने वाला रहा, बल्कि बस्ती के लोगों में यह विश्वास भी जगा गया कि समाज में आज भी निस्वार्थ भाव से सहायता करने वाले लोग मौजूद हैं।
बस्ती की महिलाओं ने बताया कि ठंड के दिनों में बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल सबसे बड़ी चिंता होती है। कंबल मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। वहीं युवाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला, जब छोटे-छोटे बच्चे कंबल ओढ़े मुस्कुराते नजर आए। बुजुर्गों ने संजय कुमार यादव को दुआएं देते हुए कहा कि ऐसे लोग ही समाज की असली पूंजी होते हैं। एक बुजुर्ग महिला ने भावुक स्वर में कहा, “जब कोई हमारे बारे में सोचता है, तो लगता है कि हम इस समाज में अकेले नहीं हैं।”
इस अवसर पर समाजसेवी संजय कुमार यादव ने कहा कि यदि समाज का हर सक्षम व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करे, तो किसी को भी अभाव में जीवन नहीं बिताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुसहर जैसी वंचित बस्तियों तक सहायता पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह प्रयास केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में ऐसे समुदायों के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
सकरा ग्राम सभा की मुसहर बस्ती में आयोजित यह कंबल एवं खाद्य सामग्री वितरण कार्यक्रम निस्संदेह एक प्रेरणादायी सामाजिक पहल साबित हुआ। बच्चों के चेहरों की मुस्कान और बुजुर्गों की आंखों में झलकता संतोष यह बताने के लिए पर्याप्त था कि समाजसेवा का वास्तविक पुरस्कार यही है। ऐसे निरंतर प्रयासों से ही एक संवेदनशील, समरस और मानवीय समाज का निर्माण संभव है।



