गाजीपुर। जनपद में लगातार बढ़ रही ठंड अब बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगी है। तापमान में निरंतर गिरावट, ठंडी हवाओं और घने कोहरे के चलते छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी और निमोनिया के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।
मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की ओपीडी पर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही पर्ची काउंटर और दवा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर बच्चे सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन लगभग 50 बच्चों का इलाज किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक संख्या में बच्चे परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंडी हवा और कोहरे से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनना, बच्चों को खुले में ठंड से बचाना और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को ठंड से बचाएं और लक्षण गंभीर होने पर बिना देरी अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय रहते इलाज संभव हो सके।



