गाजीपुर। भारतीय खाद्य निगम (FCI) से जुड़े फतेउल्लाहपुर स्थित PWS सरोज राय प्राइवेट गोदाम पर अवैध वसूली और दबंगई के गंभीर आरोप लगे हैं। गाजीपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि सरकारी चावल (CMR) उतरवाने के नाम पर प्रति ट्रक 5 हजार रुपये की वसूली की जा रही है। विरोध करने पर राइस मिलर्स के साथ गाली-गलौच, बंधक बनाकर मारपीट और धमकी दी गई। गुरुवार को एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय पहुंचा और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने संबंधित प्राइवेट गोदाम को भंडारण कार्य से डिबार करने तथा किसी अन्य गोदाम में चावल (सीएमआर) उतरवाने की मांग की है। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से सरकारी चावल लदी गाड़ियों के उतरान में जानबूझकर देरी की जा रही है और अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमारा प्रतिनिधिमंडल जब भारतीय खाद्य निगम के फतेहुल्लाह पर सरोज राय गोदाम पर वार्ता करने पहुंचा तो गोदामकर्मियों ने 40-50 बाहरी लोगों को बुलाकर गेट बंद कर उनके साथ गाली गलौज और अभद्रता की। उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो भी उपलब्ध है और इससे पूरे जिले के उद्यमियों में भय और निराशा का माहौल है।राइस मिल मालिक विधान चन्द्र राय ने कहा कि पहले भी मुख्तार अंसारी के समय कुछ गोदामों पर वसूली की शिकायतें होती थीं, लेकिन फतेउल्लाहपुर के इस गोदाम पर उससे कहीं ज्यादा और खुलेआम गुंडागर्दी और अवैध उगाही की जा रही है। प्रति ट्रक 5 हजार रुपए अवैध मंगा जा रहा है, उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में कोई भी राइस मिलर वहां चावल उतारने को तैयार नहीं है। वहीं परेशान राइस मिल मालिक अजीत राय ने भी अवैध वसूली की बात दोहराते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हम गाजीपुर के राइस मिलर्स आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और हमलोगो का गोदाम बदल दिया जाए। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनुराग पांडे ने बताया कि राइस मिलर्स एसोसिएशन की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है और एफसीआई के डिवीजनल मैनेजर के साथ बैठक कर पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकारी धान की खरीद के बाद राइस मिल्स को 30 जून तक चावल प्रोसेस कर एफसीआई के चिन्हित गोदामों में रखना होता है और गोदाम संचालक से तौल की पर्ची लेकर खाद्य विपणन विभाग में जमा कराई जाती है जो बिल्कुल निशुल्क है, गोदाम संचालकों को उनका सारा भुगतान एफसीआई सीधे करती है, और ढुलाई लेबर का खर्च भी ठेकेदार को एफसीआई ही सीधे देती है, राइस मिल्स के लिए ये पूरा सिस्टम निशुल्क होता है, बावजूद इसके गाजीपुर राइस मिलर्स असोसिएशन ने अवैध वसूली का एक बड़ा भंडाफोड़ करते हुए आंदोलन छेड़ दिया है, जिसपर अधिकारी कार्यवाही की बात कह रहे हैं।



