गाजीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के लिए जिले में पात्र एवं अपात्र लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवास योजना की प्राथमिकता प्रतीक्षा सूची तैयार करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए 30 जून तक अंतिम सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सर्वे-2024 के तहत प्राथमिकता प्रतीक्षा सूची तैयार करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि विकास खंड स्तर पर डिलीशन मॉड्यूल की प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव जिला स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। अनुमोदन के बाद ग्राम पंचायतवार एवं लाभार्थीवार सूची तैयार की जाएगी, जिसका ग्राम सभाओं की खुली बैठकों में तथ्यात्मक सत्यापन कराया जाएगा।जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति को पहले किसी आवास योजना का लाभ मिला है या नहीं। साथ ही लाभार्थी की मृत्यु, वारिस की स्थिति, स्थायी पलायन, भूमिहीन परिवारों की वर्तमान स्थिति तथा प्रथम बार लाभार्थियों की वास्तविक पात्रता की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी लाभार्थी के विवरण में संशोधन की आवश्यकता हो तो उसे सिस्टम जनरेटेड प्रपत्र पर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। डीएम ने ग्राम पंचायत सचिवों, सहायक विकास अधिकारियों और सेक्टर प्रभारियों को पूर्व प्रशिक्षण देने के निर्देश देते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पूरी की जाए, ताकि पात्र परिवारों को समय पर आवास योजना का लाभ मिल सके।



