गाज़ीपुर। जनपद के रायगंज मोहल्ला निवासी श्री अश्विनी कुमार के लिए आयुष्मान भारत योजना कठिन समय में उपचार का मजबूत सहारा बनी है। सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले श्री अश्विनी कुमार अपने परिवार में पत्नी और दो बेटियों के साथ रहते हैं तथा एक मसाला कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्य कर परिवार का भरण- पोषण करते हैं। वर्ष 2022 में उन्हें मुँह के कैंसर की बीमारी का पता चला। बीमारी के उपचार में उनकी वर्षों की जमा-पूँजी खर्च हो गई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उपचार को निरंतर जारी रखना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया था। ऐसे कठिन समय में उन्हें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की जानकारी मिली।उन्होंने जिला चिकित्सालय से योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए वर्ष 2023 में राशन कार्ड बनवाया, जिसके उपरांत उनका आयुष्मान कार्ड भी बन गया। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद उन्हें उपचार में महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मिली। वर्तमान में अश्विनी कुमार का वाराणसी स्थित टाटा अस्पताल में आयुष्मान योजना के अंतर्गत उपचार निःशुल्क चल रहा है। योजना के माध्यम से उपचार का लाभ मिलने से अब उन्हें इलाज के लिए अपनी जेब से बड़ी धनराशि खर्च नहीं करनी पड़ रही है। इससे न केवल उनके उपचार को निरंतरता मिली, बल्कि परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी काफी कम हुआ है। अश्विनी कुमार बताते हैं कि आयुष्मान भारत योजना उनके जैसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संबल का कार्य कर रही है। गंभीर बीमारी के समय जब उपचार का खर्च परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर हो जाता है, ऐसे में योजना के माध्यम से प्राप्त स्वास्थ्य सुरक्षा उपचार जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अश्विनी कुमार ने इस सहायता के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना की सहायता से उन्हें अपने उपचार को जारी रखने और परिवार के साथ जीवन को आगे बढ़ाने का भरोसा मिला है। अश्विनी कुमार की कहानी इस बात को रेखांकित करती है कि जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनका समय पर लाभ उठाना जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पात्र नागरिकों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक होना चाहिए।



