गाज़ीपुर। पत्रकारों के खिलाफ हरियाणा पुलिस की कार्रवाई को लेकर पत्रकार संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ‘हिंदी खबर’ और ‘लिविंग इंडिया’ के संपादकों एवं पत्रकारों की गिरफ्तारी के मामले में प्रेस क्लब गाजीपुर और गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने आवाज बुलंद की है। पत्रकार संगठनों ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पत्रकारों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग उठाते हुए चेतावनी दी है कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। दरअसल पत्रकारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। हरियाणा पुलिस द्वारा ‘हिंदी खबर’ और ‘लिविंग इंडिया’ के संपादकों अतुल अग्रवाल, सौरभ उपाध्याय तथा महिला पत्रकार सुदेश नैना मोर समेत अन्य पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई और गिरफ्तारी को लेकर गाजीपुर के पत्रकार संगठनों ने विरोध जताया है। मामले में प्रेस क्लब गाजीपुर एवं गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी गाजीपुर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।पत्रकार संगठनों का आरोप है कि नशे के कारोबार को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ हुई कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है। संगठनों ने मांग की है कि मामले की स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों तथा पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की जाए। ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र में पत्रकारिता जनहित के मुद्दों को सामने लाने और व्यवस्था की जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में पत्रकारों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि पत्रकार संगठनों की इन मांगों पर शासन और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले ने पत्रकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।



