
गाजीपुर। जमीनी विवाद ने एक और खौफनाक रूप ले लिया है। भाई ने ही भाई की सुपारी देकर हत्या करा दी। करंडा पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से बोलेरो वाहन से लेकर फावड़ा, लोहे की रॉड और जले हुए कपड़े तक हत्या में प्रयुक्त सभी सामान बरामद किए गए हैं। दरअसल बीते 2 दिसंबर से लापता लल्लन यादव का शव 4 दिसंबर को नंदगंज के तुरना पुलिया के नीचे मिला था। मामला संदिग्ध था और पुलिस को हत्या की आशंका थी। सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ाई—वैसे-वैसे सामने आई एक हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई। इस बात की पुष्टि एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि लल्लन यादव की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उनके ही रिश्तेदार हीरा यादव और उसके बेटे ने कराई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि जमीनी विवाद का तनाव इतना बढ़ गया था कि हीरा यादव ने हत्या की सुपारी दे दी। हीरा यादव ने अपने परिचित धर्मेंद्र, राजेश और छोटू कश्यप को पैसे देकर हत्या के लिए तैयार किया। प्लान के तहत छोटू कश्यप ने लल्लन को गांव से बाहर बुलाया, और बोलेरो में बैठाकर करीब 15 किलोमीटर दूर तुरना गांव ले जाया गया। वहां पहले मौजूद आरोपियों ने पीट-पीटकर लल्लन यादव की हत्या की गई। फिर शव को पुलिया के नीचे सीमेंट पाइप में ठूंसकर छिपा दिया गया। आरोपियों ने पहचान मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल तोड़ा, कपड़े जलाए और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के मास्टरमाइंड हीरा यादव, उसका बेटा अंकित यादव, और तीनों सुपारी किलर, राजेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों पर धारा 103(1), 3(5), 61(2), 238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस हत्याकांड से जुड़े वित्तीय लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। बता दें कि मृतक लल्लन यादव अपने परिवार के साथ कोलकाता रहता था और वो अपने गांव की जमीन को बेच कर जाना चाह रहा था। जिसको लेकर भाई हीरा यादव चाहता था कि औने पौने दाम में जमीन हमको ही दे दे। जब हीरा को लगा की जमीन नहीं देगा तो उसने हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया गया।



