गाजीपुर। चंदौली के सैयदराजा से गाजीपुर के महाराजगंज तक प्रस्तावित 42 किलोमीटर लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए थ्री-डी मैपिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही अब जमीन अधिग्रहण और किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली गई है।
करीब 3000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा तैयार किए गए डिजिटल खाके से एक्सप्रेस-वे का पूरा मार्ग स्पष्ट हो गया है।
28 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे चंदौली जनपद के कुल 28 गांवों से होकर गुजरेगा। इसमें सकलडीहा विकासखंड के 5 गांव—एवती, जिगना, सिसौरा, बधरी और रामदासपुर शामिल हैं। वहीं सदर विकासखंड के 23 गांव—रैपुरी, वीरभानपुर, सिकता, सबल जलालपुर, बबुरा खास, डिग्पी, बरडीहा, अमड़ा, हरिपुर, औरड्या पट्टी गुलाब, अराजी औरड्या, इमिलिया, बरहनी, कैथी, बेलगहना, जेवरी पट्टी, भुआलपुर, लीलाराय, रेवसा, छतेम मरुई, बगही, कुंभापुर और बख्तू राय की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
पूर्वांचल के लिए मील का पत्थर
यह एक्सप्रेस-वे न केवल चंदौली और गाजीपुर के बीच दूरी को कम करेगा, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। गाजीपुर के महाराजगंज में इस एक्सप्रेस-वे का मुख्य गेटवे बनाया जाएगा, जहां से इसे वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन से जोड़ा जाएगा।
इसके बन जाने से गोरखपुर, मऊ और आजमगढ़ की ओर से आने वाले वाहन बिना वाराणसी शहर के जाम में फंसे सीधे चंदौली और बिहार सीमा तक पहुंच सकेंगे। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
एनएचएआई के उप प्रबंधक संकेत मंगला ने बताया कि थ्री-डी मैपिंग का तकनीकी कार्य पूरा हो चुका है। अब जिला प्रशासन के सहयोग से भूमि की पैमाइश और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर आधुनिक डिवाइडर, सर्विस लेन और आपातकालीन सुविधाओं सहित सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के साथ ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।



