अत्यधिक उर्वरक उपयोग वाले 100 ग्राम पंचायतों में चलेगा विशेष अभियान
गाजीपुर। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के संयुक्त निर्देशों के तहत उर्वरकों के अंधाधुंध एवं अत्यधिक उपयोग तथा अवैध परिसंचलन पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “धरती माता बचाओ अभियान” के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने की।

बैठक में जनपद में उर्वरकों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कृषकों से संतुलित मात्रा में उर्वरक के उपयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले की ऐसी 100 ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा, जहां रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग हो रहा है। इन पंचायतों में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक भ्रमण कर किसानों को उर्वरक संतुलन, मृदा स्वास्थ्य और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने समिति के सदस्यों को निर्देशित किया कि उर्वरकों के अवैध भंडारण, कालाबाजारी एवं गैरकानूनी डायवर्जन पर सख्त निगरानी रखी जाए तथा दोषी उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिले के जिन क्षेत्रों में उर्वरकों की कमी की समस्या सामने आ रही है, वहां समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण कराकर फसलों की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरकों का प्रयोग करने का आग्रह किया, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे, फसल उत्पादन में वृद्धि हो और कृषकों की आय में सुधार हो सके।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सहायक आयुक्त, सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वी.के. सिंह, विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि तथा इफको के एरिया मैनेजर सचिन तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



