गाजीपुर। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के सम्मान तथा सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता एवं महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा जनपद अयोध्या से किया गया। इसी क्रम में जनपद गाजीपुर के राइफल क्लब सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ओमप्रकाश राजभर जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मा0 प्रशासक जिला पंचायत सपना सिंह, विधायक जखनियां बेदी राम, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गाजीपुर सरिता अग्रवाल, जिला अध्यक्ष सुभासपा सुरेंद्र राजभर, जिला अध्यक्ष निषाद पार्टी ओमप्रकाश, प्रतिनिधि एमएलसी प्रदीप पाठक, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद पीडी, डीडीओ, डीसी मनरेगा सहित अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान जनपद अयोध्या से मुख्यमंत्री जी द्वारा किए गए प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के शुभारंभ एवं उनके संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं लाभार्थियों ने देखा एवं सुना। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तिकरण तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे से रखी जाती है। सरकार द्वारा कुपोषण को समाप्त करने तथा प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को गांव-गांव एवं प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर जी ने उपस्थित सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों तक पोषण संबंधी सेवाओं को पहुंचाने में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सम्मानित होने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका कार्य समाज के भविष्य को मजबूत करने वाला कार्य है। विधायक जखनिया विधि राम जी ने कहां की आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को जो सम्मान दिया जा रहा है यह सम्मान उनके कार्यों की प्रतिबद्धता हेतु दिया जा रहा है उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ परिवार की नींव रखती है और स्वस्थ बच्चे ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं।” उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं गांवों में सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती हैं। गर्भवती महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी देना, बच्चों के स्वास्थ्य एवं वजन की निगरानी करना, टीकाकरण के लिए प्रेरित करना तथा कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री जी द्वारा कुपोषण से सुपोषित बच्चों बाबा, यश, ऊर्सा फातिमा, सरस्वती, लाडो, शिवम कुमारी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्री कुसुम सिंह, मधुबाला, सीमा मौर्य, पुनीता कुशवाहा, सीमा यादव, अनीता देवी, सहित अन्य तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्री लक्ष्मी देवी, आशिया खातून, शीला देवी, मुख्य सेविका मीना कुमारी, कंचन कुमारी, मंजू सिंह सहित अन्य को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। महिला कल्याण विभाग अंतर्गत स्पॉन्सरशिप योजना तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों पूनम वर्मा तन्मय पांडे पुष्पा पांडे आशुतोष कुशवाहा रुबिका सहित अन्य को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कार किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री जी द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई भी की गई तथा नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन भी कराया गया। इस अवसर पर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए प्रेरित किया गया। अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को छह माह की आयु के बाद मां के दूध के साथ उचित एवं पौष्टिक पूरक आहार देने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के साथ-साथ सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता एवं महिला कल्याण विभाग की योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से उन महिलाओं एवं कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया गया, जिन्होंने पोषण एवं महिला-बाल कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि सुपोषण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, नियमित टीकाकरण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाने तथा जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में महिलाएं एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।



