गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर एवं अविष्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं में उद्यमिता एवं नवाचार की भावना विकसित करने हेतु आज दिनांक 07.09.2026 को व्यवसाय योजना (ठनेपदमेे च्संद) पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, नवाचार एवं उद्यमशीलता के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर एवं रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला में लगभग 100 छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता कर कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभु शरण प्रसाद ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनने के लिए आवश्यक कौशलों से सुसज्जित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्यमिता विकास आज की आवश्यकता है। उन्होंने उद्यमिता को नवीन विचारों के माध्यम से प्रभावी समाधान विकसित करने की प्रक्रिया के रूप में रेखांकित किया तथा विद्यार्थियों को समाज में विद्यमान समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए नवाचारी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में बताया गया कि “आवश्यकता आविष्कार और नवाचार की जननी है” की भावना को ध्यान में रखते हुए हमारे आसपास मौजूद समस्याओं को पहचानना उद्यमिता की पहली सीढ़ी है। किसी समस्या के समाधान के लिए नवीन विचार के साथ-साथ वित्तीय संसाधन, विपणन, लागत विश्लेषण, ग्राहक एवं बाजार की पहचान तथा भविष्य की संभावनाओं का आकलन भी आवश्यक है। व्यवसाय योजना के प्रमुख चरणों के अंतर्गत समस्या की पहचान, समाधान के रूप में नवीन विचार, व्यवसाय का नामकरण, संसाधन एवं संसाधन नियोजन, विपणन एवं बिक्री, ग्राहक एवं बाजार की पहचान, विशिष्ट सेवा/उत्पाद का डिजाइन, वित्तीय नियोजन तथा भविष्य में विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। महाविद्यालय की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के समन्वयक डॉ. पीयूष सिंह के नेतृत्व में इस कार्यशाला एवं नवाचार संबंधी गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डॉ. शिव कुमार, डॉ. हरेंद्र यादव, डॉ. एखलाक अहमद, डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ. रामनाथ केसरवानी एवं डॉ. गजनफर सईद सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।



