

गाजीपुर। दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या के मामले में जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडे की अदालत ने पति और देवर को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। खास बात यह है कि जिस बहन की हत्या मोहर्रम के दिनों में हुई थी, उसे इंसाफ भी मोहर्रम की पहली तारीख को मिला है। इस बात की जानकारी मृतका के भाई मुफिज खान ने की है। इस दौरान उन्होंने न्यायालय को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथदरअसल गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र के फतेहपुर अटवा गांव में वर्ष 2023 में हुई दहेज हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय की अदालत ने आरोपी पति मुस्ताक और देवर इश्तियाक को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस बात की पुष्टि शासकीय अधिवक्ता कृपा शंकर राय ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में सुमुप्ता की शादी बड़े धूमधाम से मुस्ताक के साथ हुई थी। शादी के कुछ माह बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में दो लाख रुपये की मांग शुरू कर दी गई। दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। परिजनों का आरोप है कि दो लाख रुपये देने के बावजूद अतिरिक्त रकम की मांग जारी रही। 30 जुलाई 2023 को संदिग्ध परिस्थितियों में सुमुप्ता की मौत हो गई। मृतका के भाई जहीरूद्दीन ने नोनहरा थाने में मृतका बहन के पति व देवर समेत नौ लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर पति मुस्ताक और देवर इश्तियाक के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता कृपा शंकर राय ने बताया कि न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला दिया है। अदालत का फैसला आने के बाद मृतका के भाई मुफिज खान ने बताया कि मेरी बहन को आज इंसाफ मिला है। दहेज के लिए उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस की निष्पक्ष विवेचना, सरकारी वकीलों की प्रभावी पैरवी और न्यायालय के फैसले से हमें न्याय मिला है। पीड़ित परिवार ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की विवेचना व शासकीय अधिवक्ता की पैरवी से बहन को न्याय मिला है।



