गाजीपुर। भांवरकोल थाना क्षेत्र के रेडमार गांव के पूर्व प्रधान एवं सेवानिवृत्त शिक्षक बरमेश्वर उपाध्याय की वर्ष 2016 में हुई हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस हत्याकांड के गवाह और मृतक के बेटे प्रवीण उपाध्याय पर बुधवार तड़के अज्ञात नहीं बल्कि नामजद आरोपियों ने फायरिंग कर दी। हालांकि, वह बाल-बाल बच गए।पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुख्तार अंसारी का पूर्व शूटर बताए जाने वाले अमित राय और उसके साथी आयुष राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है।
प्रवीण उपाध्याय ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 3:45 बजे उनके घर का दरवाजा खटखटाया गया। दूसरी मंजिल से झांकते ही बाइक सवार दो युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। वह तुरंत पीछे हट गए, जिसके बाद आरोपियों ने एक और गोली चलाई। नीचे से देखने पर उन्होंने हमलावरों की पहचान अमित राय और आयुष राय के रूप में की। आरोप है कि जाते समय दोनों ने हत्या का मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी भी दी।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से तीन खोखा कारतूस बरामद किए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि 21 मई 2016 को रेडमार गांव में खेत पर काम कर रहे पूर्व प्रधान एवं शिक्षक बरमेश्वर उपाध्याय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अमित राय पहले से ही नामजद आरोपी है और मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस के अनुसार, अमित राय के खिलाफ विभिन्न थानों में 28 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।



