
गाजीपुर । क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश एवं पूर्वांचल के क्रिकेट खिलाड़ियों की समस्याओं को लेकर माननीय खेल मंत्री गिरीश यादव से शिष्टाचार भेंट की गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद सिंह ने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन प्राइवेट लिमिटेड की कमजोर एवं भ्रष्ट चयन नीतियों के कारण प्रदेश विशेषकर पूर्वांचल के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनका उचित अधिकार नहीं मिल पा रहा है।श्री सिंह ने बताया कि दिल्ली एवं हरियाणा के खिलाड़ियों को गलत माध्यमों से उत्तर प्रदेश टीम में स्थान दिया जा रहा है, जबकि मेरठ एवं सहारनपुर जैसे कुछ जनपदों के खिलाड़ियों को अनुचित रूप से प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के केवल 40 जिलों को मान्यता दी गई है, जबकि शेष 35 जिलों के खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया से वंचित रखा गया है।मंत्री जी को यह भी अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता “चिटफंड सोसाइटी अधिनियम” के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त की गई है तथा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (पंजी.) को भारत सरकार से UPCA का आधिकारिक लोगो भी प्रदान किया जा चुका है।रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़, कानपुर द्वारा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन प्राइवेट लिमिटेड की भ्रष्ट गतिविधियों की जांच पूर्ण कर ली गई है। अब यह मामला रजिस्ट्रार की अदालत में विचाराधीन है, जहां इसकी मान्यता रद्द की जा सकती है।संघ के सचिव प्रदीप पांडे ने बताया कि खिलाड़ियों के साथ हो रहे अन्याय को लेकर खेल प्रमुख सचिव मनीष चौहान एवं सुहास एल.वाई. को भी अवगत कराया गया है। इस पर खेल प्रमुख सचिव मनीष जी ने आश्वस्त किया कि खिलाड़ियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ हो रहे अन्याय एवं UPCA प्राइवेट लिमिटेड की भ्रष्टाचारपूर्ण नीतियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाकर उत्तर प्रदेश सरकार को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा।बहुत जल्द प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए ईमानदार और पारदर्शी क्रिकेट प्रणाली का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा है।



