

गाजीपुर । 9 सितंबर दिन मंगलवार को जनसमस्याओं की सुनवाई न होने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व छात्र नेता राजेश राय बागी, विपुल मिश्रा, के साथ दो दर्जन भाजपा कार्यकर्ताओं ने नोनहरा थानाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और शाम 6 बजे से थाने के सामने गेट पर बैठ कर धरना प्रदर्शन किए, आरोप है कि देर रात थाने की पुलिस ने गेट पर जल रहे लाइट को बंद कराकर प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेश राय “बागी” के साथ सियाराम बागी जो विकलांग थे उन्हें लाठीचार्ज में काफी चोटें आई और उसके बाद आज 11 सितंबर की अल सुबह उनकी मौत हो गई, इस खबर के आने के बाद उनके पैतृक गांव चक रूकुंदीपुर, नोनहरा में लोगो का मजमा लग गया, भाजपा के बड़े नेता जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, भानुप्रताप सिंह, पारसनाथ राय, अखिलेश सिंह, पप्पू सिंह, पीयूष राय, विवेकानंद पांडेय के साथ सैकड़ो की संख्या में लोग मृतक भाजपा नेता के आवास पर पहुंच गए, इस दौरान पूर्व सांसद राधामोहन सिंह, भीम सिंह, विनोद अग्रवाल, सपा नेता राजकुमार पांडे भी परिजनों को सांत्वना दिए और परिजनों को न्याय दिलाने की बात कही। पिता गिरजा उपाध्याय जो काफी वृद्ध हैं वो दुखी मन से एसपी डॉ इरज राजा से न्याय की गुहार लगाए, एसपी डॉ इरज राजा ने इस पूरे प्रकरण पर नोनहरा थाने के एसओ समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है।एसओ समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 6 पुलिस कर्मियों को उनके द्वारा लाइन हाजिर किया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की कार्यवाही डॉक्टरों के पैनल से वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ कराई जाएगी। डीएम साहब ने इसमें मजिस्ट्रेट जांच के लिए भी टीम गठित की है, निष्पक्ष कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि पुलिस द्वारा भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बर्बर पिटाई के आरोप में यह कार्रवाई बीजेपी कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत के मामले में की गई है, बताया जा रहा है कि सियाराम उपाध्याय अविवाहित थे और दिव्यांग थे, उनके पीछे उनके वृद्ध माता और पिता के साथ एक भाई और हैं जो अहमदाबाद में नौकरी करते हैं, उनके देर रात तक आने की सूचना है। फिलहाल एसपी के आश्वासन के बाद उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए गाजीपुर भेजा गया है जिसके पीछे सैकड़ों लोगों की भीड़ थी। सियाराम उपाध्याय के चचेरे भाई मनीष ने बताया कि दिव्यांग होने के बावजूद शुरू से ही वो भाजपा के जबरदस्त कार्यकर्ता थे, योगी और मोदी के फैन थे, सामाजिक कार्यों के साथ पार्टी लाइन में संगठन के कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे, इस बार वे ग्राम प्रधानी की भी तैयारी कर रहे थे। लेकिन उनकी असामयिक मौत ने सारे गांव को और क्षेत्र को दुखी कर दिया। एसपी गाजीपुर डॉ इरज राजा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है और आगे भी जांच जारी रहेगी। मुआवजे के सवाल पर उन्होंने कहा कि जरूर सरकार से जो अनुमन्य सहायता होगी वो परिवार को दी जाएगी। इस मामले में और भी कार्रवाई हो सकती है अगर जांच में और भी लोग दोषी पाए जाते हैं ।



