गाजीपुर / संतकबीरनगर। शादी का झांसा देकर महिला सिपाही से तीन वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाने और बाद में मुकर जाने के मामले में आरोपी सिपाही के खिलाफ दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी सिपाही पर किसी दूसरी युवती से गुपचुप शादी करने का भी आरोप है।
पीड़िता 2021 बैच की महिला सिपाही है, जो चंदौली जनपद के इलिया थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसका आरोप है कि वर्ष 2022 में उसकी तैनाती संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाने में थी। उसी दौरान गाजीपुर जनपद के थाना भुड़कुड़ा क्षेत्र के बिजहरी गांव निवासी 2018 बैच का कांस्टेबल आशु यादव भी बखिरा थाने में तैनात था।
पीड़िता के अनुसार, आशु यादव ने शादी का वादा कर उससे प्रेम संबंध स्थापित किया। महिला सिपाही अनुसूचित जाति से है, जिस पर आरोपी ने जाति से कोई आपत्ति न होने की बात कहते हुए विवाह के लिए सहमति जताई। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
आरोप है कि आरोपी सिपाही ने शादी का भरोसा दिलाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए और होटल में भी ले गया। महिला सिपाही का दावा है कि आरोपी ने उससे निजी तौर पर शादी भी की थी, जिसकी तस्वीरें उसके मोबाइल में मौजूद हैं। जब भी वह औपचारिक शादी की बात करती, आरोपी उसे टाल देता था।
पीड़िता ने बताया कि शादी को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ। करीब चार महीने पहले उसने आरोपी के पिता को भी फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी थी, जिसके बाद आरोपी ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी।
24 नवंबर 2025 को महिला सिपाही को पता चला कि आरोपी उससे छिपकर किसी अन्य लड़की से शादी कर रहा है। सूचना मिलने पर वह गाजीपुर पहुंची और नंदगंज क्षेत्र के रसूलपुर गांव में बारात में पहुंचकर डायल 112 पर सूचना दी। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और जल्दबाजी में शादी संपन्न कराकर आरोपी को वहां से भेज दिया गया।
इसके बाद पीड़िता ने शनिवार देर शाम कोतवाली खलीलाबाद में तैनात मेंहदावल थाने के आरोपी सिपाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
इस संबंध में कोतवाल पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी सिपाही आशु यादव के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है।



