गाजीपुर। राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत बिंद ने गुरुवार को सदन में जनपद की अत्यधिक व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग दिलदारनगर, भदौरा, दुल्लहपुर, सैदपुर, सहेड़ी, महराजगंज बाजार और फुल्लनपुर पर ओवरब्रिज अथवा अंडरपास निर्माण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर प्रतिदिन हजारों वाहन और पैदल यात्री रेलवे फाटक बंद रहने के कारण घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इससे न केवल लोगों का समय बर्बाद होता है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि यदि इन रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण कराया जाता है तो ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी और आमजन की आवाजाही सुगम हो सकेगी।

इसके साथ ही उन्होंने गाजीपुर–मऊ रेल लाइन विस्तारीकरण परियोजना को पुनः प्रारंभ करने की भी मांग की। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि गाजीपुर का रेल मार्ग दिलदारनगर–ताड़ीघाट अंग्रेजी शासनकाल में लगभग 1880 ईस्वी में बनाया गया था। पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में ताड़ीघाट रेलवे स्टेशन से गाजीपुर सिटी होते हुए मऊ तक रेल लाइन के विस्तार तथा गंगा नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन यह योजना साकार नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की शुरुआत के बाद तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रस्ताव पर 14 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री द्वारा रेल मार्ग विस्तारीकरण की आधारशिला रखी गई। इसके बाद कुछ ही वर्षों में ताड़ीघाट से गाजीपुर सिटी तक रेल मार्ग तथा गंगा नदी पर पुल का निर्माण पूर्ण कर लिया गया।
हालांकि अब यह जानकारी सामने आ रही है कि गाजीपुर सिटी से मऊ तक प्रस्तावित रेल मार्ग, जो दिल्ली–हावड़ा रेल लाइन को वाराणसी–मऊ–छपरा रेल लाइन से जोड़ने वाला था, उस परियोजना को बंद कर दिया गया है। राज्यसभा सांसद ने मांग की कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को पुनः प्रारंभ कर गाजीपुर सिटी से मऊ तक रेल मार्ग का विस्तारीकरण कराया जाए।



