गाजीपुर। सेवराई तहसील क्षेत्र में लेखपालों के अपने कार्य क्षेत्र (हल्का) में अनिवार्य निवास से संबंधित नियमों को लेकर गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। यह खुलासा सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी से हुआ है, जिसमें तहसील प्रशासन के पास इस विषय से जुड़े किसी भी प्रकार के स्पष्ट नियम अथवा अभिलेख उपलब्ध न होने की बात सामने आई है।
इस मामले को आरटीआई कार्यकर्ता विनय कुमार श्रीवास्तव, निवासी रेवतीपुर, तहसील सेवराई, गाजीपुर ने उजागर किया है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी इस विषय को तहसील प्रशासन के संज्ञान में लाया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया। आरटीआई के जवाब में सेवराई तहसील के तहसीलदार सुनील कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि लेखपालों के हल्का के भीतर अथवा बाहर निवास से संबंधित कोई भी जानकारी या अभिलेख उनके कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ। आरटीआई के विरुद्ध दायर प्रथम अपील में भी प्रथम अपीलीय प्राधिकारी एवं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) स्तर पर लेखपालों के निवास से जुड़े नियमों या रिकॉर्ड के संबंध में कोई प्रामाणिक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे राजस्व प्रशासन के उच्च स्तर पर भी इस महत्वपूर्ण विषय के प्रति उदासीनता उजागर होती है।
आरटीआई कार्यकर्ता विनय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि लेखपालों का अपने कार्य क्षेत्र में निवास न करना ग्रामीण जनता को समय पर एवं सुचारु राजस्व सेवाओं से वंचित करता है। उन्होंने जिलाधिकारी गाजीपुर से मांग की है कि संबंधित तहसीलदार एवं एसडीएम से लिखित स्पष्टीकरण लिया जाए, लेखपालों के हल्का निवास संबंधी नियमों को सख्ती से लागू किया जाए तथा लापरवाही पाए जाने पर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण की शिकायत जिलाधिकारी को सौंप दी गई है और अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर आमजन की निगाहें टिकी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं कराया गया, तो इस मामले को उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश लेखपाल सेवा नियमावली, 2006 के अनुसार प्रत्येक लेखपाल का अपने निर्धारित हल्का में निवास करना अनिवार्य है। किसी भी लेखपाल को हल्के से बाहर निवास करने के लिए जिलाधिकारी/कलेक्टर से विधिवत अनुमति लेना आवश्यक है।



