गाजीपर। संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा० राम कुमार ने गुरुवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत शपथ दिलाकर किया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसी बीच 12 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे। सीएमओ ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होने आगे अवगत कराया कि इस वर्ष अब तक डेंगू के 20 मरीज सूचित हुए हैं,जिनमें से 16 मरीज अन्य प्रान्तों और जनपदों से ग्रसित होकर आए हैं।इसी प्रकार मलेरिया के 26 मरीज सूचित हुए हैं , जिनमें से 18 मरीज अन्य प्रान्तों से ग्रसित होकर आए हैं।उपचार के बाद सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बाहर से ग्रसित होकर आने वाले मरीजों को इस अभियान के दौरान चिन्हित करने के लिए विशेष प्रयास किया जाएगा तथा चिन्हित मरीजों की जांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेज पर की जाएगी तथा उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। जनपद वासियों से अनुरोध है कि बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर सम्पर्क करे तथा स्वयं से अपना इलाज नही करे।



