गाजीपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संभाग पूर्वी उत्तर प्रदेश, भाग काशी, अंचल गांधीनगर के तत्वावधान में बजरंग आरटीआई कॉलेज बकुलियापुर में शुक्रवार को भव्य पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा प्रकृति संवर्धन को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समिति बंधुओं एवं क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. राकेश राय ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जल संकट और लगातार घटते वन मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए।मुख्य अतिथि शिव प्रकाश राय ने कहा कि पर्यावरण केवल प्रकृति का विषय नहीं बल्कि मानव जीवन का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल और हरियाली से ही स्वस्थ समाज की कल्पना संभव है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। विशिष्ट अतिथि अनुज मिश्रा ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर है।कार्यक्रम में पूजा श्रीवास्तव एवं पूनम राय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए महिलाओं और युवाओं की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। घर-घर पौधरोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। अंचल सचिव पियूष ओझा ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।इस अवसर पर बच्चा बाबू राय, अनिल, शिवराज, अंचल गाजीपुर के अंचल अभियान प्रमुख दुर्गेश, अंचल गतिविधि प्रमुख सुमन वर्मा, संच प्रमुख कंचन राय एवं संच प्रमुख सीमा यादव सहित अनेक समिति बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया तथा वृक्षारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।





