गाजीपुर। शहर में विकास कार्यों के नाम पर जगह-जगह सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इन सड़कों की मरम्मत कराने में गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अधूरी पड़ी सड़कें, उड़ती धूल और गड्ढों से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो गया है। लगातार बढ़ रही समस्याओं को लेकर अब लोगों में अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।शहर के कई इलाकों में पाइपलाइन, सीवर या अन्य निर्माण कार्यों के लिए सड़कें खोदी गईं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें दोबारा पिच नहीं कराया गया। नतीजा यह है कि सड़कें पूरी तरह धूलभरी और खतरनाक बन चुकी हैं। राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को हो रही है। सड़क पर उड़ती धूल के कारण लोगों में सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से शाम तक सड़क पर धूल का गुबार बना रहता है, जिससे घरों और दुकानों तक में धूल भर जा रही है।लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजी कार्रवाई में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान की कोई गंभीर कोशिश नहीं दिखाई दे रही। कई स्थानों पर महीनों पहले सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन आज तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



