गाजीपुर। जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब एक आरोपी खाट पर लेटकर एसीजेएम कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। आरोपी को पूर्व में सुनाई गई सजा के आधार पर अदालत ने तीन माह के लिए जेल भेजने का आदेश दिया।
मामला चेक डिसऑनर से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी रामदरश यादव ने अजीत राम से व्यापार के लिए नौ लाख रुपये उधार लिए थे। कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक के बाउंस होने के बाद वादी ने अदालत की शरण ली थी। सुनवाई के उपरांत एसीजेएम कोर्ट ने आरोपी को तीन माह की सजा तथा ब्याज सहित धनराशि लौटाने का आदेश दिया था।
अदालत के आदेश के विरुद्ध आरोपी उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां से उसे निचली अदालत में सरेंडर करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में रामदरश यादव खाट पर लेटकर अदालत में उपस्थित हुआ।
करीब 70 वर्ष से अधिक आयु का आरोपी स्वयं को पैरालाइज्ड और गंभीर रूप से बीमार बता रहा है। वहीं, वादी पक्ष के अधिवक्ता का आरोप है कि सजा और धनराशि अदायगी से बचने के लिए आरोपी बीमारी का बहाना कर रहा है।
अदालत ने पूर्व में निर्धारित सजा को लागू करते हुए आरोपी को तीन माह के लिए जेल भेज दिया। आरोपी को खाट पर ही जेल ले जाया गया। घटना को लेकर न्यायालय परिसर में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।



