कृपाशंकर यादव
ग़ाज़ीपुर: ग़ाज़ीपुर जनपद के बबेड़ी क्षेत्र स्थित साईंग्रेस प्ले स्कूल, साईपुरम् में क्रिसमस पर्व बड़े ही धूमधाम, उल्लास और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस भव्य आयोजन का सफल नेतृत्व विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. स्मृति श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सर्व धर्म समभाव की भावना, आपसी प्रेम, भाईचारा, सहयोग और मानवीय मूल्यों का विकास करना रहा।
”नन्हे बच्चों की मुस्कान और सेंटा क्लॉज़ की वेशभूषा बनी आकर्षण का केंद्र” इस अवसर पर विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी सजावट, क्रिसमस ट्री और आकर्षक कलाकृतियों से सजाया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव की रौनक छा गई। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चे सेंटा क्लॉज़ की मनमोहक वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए और एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएँ दीं। बच्चों की मासूम मुस्कान, उत्साह और चंचलता ने कार्यक्रम को बेहद आनंदमय और यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न गीत, खेल, नृत्य एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अध्यापिकाएँ ट्विंकल, सुमन, मोनिका और आरती ने बच्चों को कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से तैयार किया, जिससे सभी प्रस्तुतियाँ बेहद सराहनीय रहीं और उपस्थित अभिभावकों का भरपूर मनोरंजन हुआ।
प्रधानाचार्य डॉ. स्मृति श्रीवास्तव ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि सभी धर्म प्रेम, शांति, करुणा और मानवता का संदेश देते हैं। बच्चों को बचपन से ही इन मूल्यों से परिचित कराना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे वे आगे चलकर एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बन सकें। शिक्षकों ने बच्चों को क्रिसमस पर्व के महत्व के बारे में सरल और रोचक शब्दों में जानकारी देते हुए बताया कि यह पर्व प्रेम, सेवा, त्याग और परोपकार का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी बच्चों को मिठाइयाँ वितरित की गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने विद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की खुले दिल से सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और आपसी सौहार्द को भी मजबूत करते हैं। साईंग्रेस प्ले स्कूल, साईपुरम् का यह आयोजन न केवल एक पर्व उत्सव रहा, बल्कि क्षेत्र में सर्व धर्म समभाव और सांस्कृतिक एकता की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया।





