गाजीपुर। सनसनीखेज हत्याकांड का बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां कोतवाली थाना पुलिस ने हत्या कर गंगा में फेंके गए युवक की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में एक भाई और बहन को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने कर्ज, धमकी और कथित शोषण के चलते युवक की गला दबाकर हत्या कर दी। दरअसल मामला 09 फरवरी 2026 का है। बारहबंला निवासी मनोहर सिंह यादव के अपहरण की सूचना पर थाना कोतवाली गाजीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा नदी से शव बरामद हुआ। जिसकी शिनाख्त मनोहर सिंह यादव के रूप में हुई। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं बढ़ाई गईं। इसी क्रम में पुलिस ने मेदनीपुर, थाना सुहवल निवासी परीक्षित सिंह और उसकी बहन दीप सिंह को गिरफ्तार किया। इस बात की पुष्टि एसपी सिटी डॉ राकेश मिश्रा ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वो चौंकाने वाला है। अभियुक्त परीक्षित सिंह ने बताया कि मृतक मनोहर सिंह यादव उसकी बहन का पुराना दोस्त था और कॉलेज के दिनों से जान-पहचान थी। आरोप है कि मनोहर ने दीप सिंह से करीब ढाई लाख रुपये उधार लिए थे, जो एफडी तुड़वाकर दिए गए थे, लेकिन मनोहर द्वारा पैसे वापस नहीं किए जा रहे थे। इतना ही नहीं, आरोप है कि मृतक लगातार महिला को परेशान कर रहा था, बदनाम करने की धमकी दे रहा था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। 09 फरवरी की रात, मनोहर सिंह यादव महिला को घर छोड़ने के बहाने गंगा नदी रेलवे पुल, सुहवल की ओर ले गया, जहां पहले से मौजूद भाई परीक्षित सिंह ने उससे पैसे को लेकर सवाल किया। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि भाई-बहन ने मिलकर युवक का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गंगा नदी में फेंक दिया। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए अभियुक्तों ने मृतक की मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाई, बाइक पुल पर खड़ी की और हेलमेट, मोबाइल व चाबी नदी में फेंक दी। मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस मौके पर शहर कोतवाल महेंद्र सिंह गोरा बाजार चौकी प्रभारी शिवाकांत मिश्रा




