
गाजीपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश ने आरोपी गौतम को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने साफ कहा कि जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी। दरअसल साल 2018 के इस मामले में 7 गवाहों और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया। बता दें कि गाजीपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। खानपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले आरोपी गौतम को अदालत ने दोषी मानते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं अदालत ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाएगी, ताकि उसे न्यायिक राहत मिल सके। दरअसल यह मामला वर्ष 2018 का है, जब आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर खानपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। विवेचना पूरी होने के बाद 8 जुलाई 2019 को अदालत में आरोप विरचित किए गए। सुनवाई के दौरान अदालत में 7 गवाह पेश किए गए और तमाम साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायालय पॉक्सो ने आरोपी को दोषी करार दिया। विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय ने बताया कि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। इस फैसले को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।



