
गाजीपुर। गोरा बाजार स्थित पीजी कॉलेज में छात्रवृत्ति के बायोमेट्रिक सत्यापन के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रत्येक छात्र से 40 अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जबकि समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया में बायोमेट्रिक के लिए किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। कॉलेज में लगभग 10 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। ऐसे में यदि प्रत्येक छात्र से 40 रूपये की वसूली की जा रही है, तो यह राशि लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। इसको लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उनसे जबरन ₹40 रूपया मांगे गए और पैसा न देने पर काम रोकने की बात कही गई। छात्रों का कहना है कि वे पहले ही प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क सहित अन्य मदों में फीस जमा कर चुके हैं। इसके बावजूद छात्रवृत्ति जैसी सरकारी योजना में अतिरिक्त वसूली करना पूरी तरह गलत है। समाज कल्याण विभाग के निर्देशों का हवाला देते हुए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
छात्रों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, इस संबंध में कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। छात्रों का कहना है कि यदि अवैध वसूली बंद नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
छात्रवृत्ति कार्य में कालेज की ओर से प्रतेक छात्र का बायोमेट्रिक लगाया जा रहा है। इस कार्य के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से कोई संशासन उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में बाहरी कर्मी रख कर बायोमेट्रिक किया जा रहा है। इसके लिए प्रतेक छात्र से 40 रूपया लिया जा रहा है।- डा. राघवेंद्र कुमार पांडेय, प्राचार्य, पीजी कालेज, गाजीपुर।
छात्रवृत्ति कार्य में छात्रों का बायोमेट्रिक कालेज या संस्थान को ही करवानी है। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क छात्रों से नहीं लिया जाएगा।- रामनगीना यादव, समाज कल्याण अधिकारी, गाजीपुर।



