गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर वाराणसी जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल को गाजीपुर पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। बलिया से सांसद सनातन पाण्डेय अपने समर्थकों और पार्टी नेताओं के साथ मणिकर्णिका घाट व अहिल्याबाई होलकर घाट पर विकास कार्यों के नाम पर मंदिरों को तोड़े जाने के मामले की वास्तविक स्थिति जानने वाराणसी जा रहे थे।
गाजीपुर–वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर स्थित बिरनो टोल प्लाजा के पास पुलिस ने बैरिकेटिंग कर काफिले को रोक दिया। इसके बाद सांसद सनातन पाण्डेय, सपा नेता व कार्यकर्ता हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए। यह धरना करीब तीन से चार घंटे तक चला।
धरने के दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिससे बिरनो, जंगीपुर और मरदह थानों की पुलिस के पसीने छूट गए। इस दौरान फोरलेन पर यातायात भी प्रभावित रहा।
मीडिया से बातचीत में सांसद सनातन पाण्डेय ने कहा कि वे लोग शांतिपूर्ण ढंग से वाराणसी जा रहे थे और किसी भी प्रकार का टकराव नहीं चाहते थे। इसके बावजूद उन्हें रोका गया। उन्होंने कहा,
“हम न आतंकवादी हैं और न डरने वाले। सरकार सच्चाई छिपा रही है, इसलिए हमें रोका गया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट और अहिल्याबाई घाट की वास्तविक स्थिति समाजवादी पार्टी तक न पहुंचे, इसी उद्देश्य से सरकार के इशारे पर पुलिस ने कार्रवाई की। सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि या तो उन्हें आगे जाने दिया जाए या जेल भेज दिया जाए, लेकिन आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
धरना स्थल पर पहुंचे जमानिया विधायक ओम प्रकाश सिंह ने बिना किसी नोटिस के सांसद को रोके जाने को लोकतंत्र के लिए घातक बताया।
जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार सपा नेताओं से डरी हुई है और हिंदू धर्म की बात करने वाली भाजपा मंदिरों व देवी-देवताओं की मूर्तियों के टूटने की सच्चाई छिपा रही है।
सदर विधायक जयकिशन साहू ने सवाल उठाया कि यदि शासन मूर्ति तोड़ने की खबरों को एआई जनरेटेड बता रहा है, तो सपा प्रतिनिधिमंडल को वाराणसी जाने से क्यों रोका गया।
धरना स्थल पर सपा जिला अध्यक्ष गोपाल यादव, राजेंद्र यादव, सपा नेत्री रैना मिश्रा, महेंद्र चौहान, लालू यादव, शैलेश यादव, जय हिंद यादव, भानु यादव, सुभाष यादव गुड्डू, रणजीत यादव, नरेंद्र यादव, पप्पू यादव, ओम प्रकाश यादव, अविनाश विद्यार्थी, आशुतोष यादव, हिमांशु तिवारी सहित सैकड़ों सपा कार्यकर्ता** मौजूद रहे।




