गाजीपुर। शासन के निर्देश के क्रम में आज दिनांक 21.04.2026 को जनपद के समस्त थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक उप कृषि निदेशक के सभागार में आयोजित की गयी, जिसमें आगामी खरीफ मौसम में उर्वरक की उपलब्धता व वितरण की समीक्षा की गयी। जिसमें उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि उर्वरकों की आपूर्ति एवं कृषकों को निर्धारित दरों पर उर्वरकों की बिक्री शत् प्रतिशत पी0ओ0एस0 मशीन के माध्यम से किया जाये। उर्वरक विक्रेता निम्न निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें – उर्वरक के थोक विक्रेता से फुटकर उर्वरक विक्रेता तक उर्वरकों के एक्नालेजमेंट की व्यवस्था रियल टाइम की जाए एवं उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाये, जिससे कृषकों को उर्वरक वितरण के साथ ही साथ डी0बी0टी0 प्रणाली के अन्तर्गत वास्तविक क्रेता का नाम दर्ज हो सके एव ं सही मूल्य पर उर्वरक प्राप्त हो सके। कृषकों को उनके जोत बही एवं उनकी आवश्यकता के अनुसार उनकी भूमि को ध्यान में रखते हुए फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही उनको उर्वरक उपलब्ध कराया जाय एवं रेटबोर्ड, स्टाक बोर्ड अवश्य लगाये। उर्वरक विक्रेता वर्तमान में प्रयोग होने वाली मुख्य उर्वरक यूरिया की बिक्री कृषकों को निर्धारित मूल्य पर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करे, यदि कोई उर्वरक विक्रेता अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक यथा यूरिया के साथ कम प्रचलित अन्य उत्पाद खरीदने हेतु बाध्य करते है तो, सम्बन्धित के विरूद्ध उर्वरक नियन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की सुसंगत प्राविधानान्तर्गत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सम्पादित की जायेगी। उर्वरक के अवैध उपयोग व उर्वरक के गैर कानूनी डायवर्जन पर कड़ी निगरानी रखी जाये एवं दोषी उर्वरक विक्रेता के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सम्पादित की जाये। जनपद गाजीपुर के पांच विकासखंड जमानिया, रेवतीपुर, भदौरा, मोहम्मदाबाद तथा भांवरकोल की सीमाएं बिहार प्रांत के जनपदों से लगे होने के कारण उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध परिसंचालन को रोकने की दृष्टिगत भी इन क्षेत्रों में सचल दल का गठन किया गया है, जिसमें कृषि विभाग, पुलिस विभाग व प्रशासनिक विभाग द्वारा भ्रमण करते हुए उर्वरक के आवागमन पर निगाह रखेगे। कृषक भाईयोसे अनुरोध है कि उर्वरक क्रय हेतु अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराने के उपरान्त जाये और आवश्यकता के अनुरूप ही क्रय करे।






