गाजीपुर। केन्द्रीय बजट 2026–27 को “विकसित भारत” की दिशा में एक संतुलित और दूरदर्शी बजट बताते हुए स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि यह बजट पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर और बलिया जैसे जिलों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा।
उन्होंने बताया कि बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। इससे सड़क, रेल, जलमार्ग और शहरी अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी, साथ ही स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। राजकोषीय घाटा GDP के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने से आर्थिक अनुशासन भी सुनिश्चित किया गया है।
प्रो. पाण्डेय ने कहा कि परिवहन क्षेत्र में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा ऐतिहासिक कदम है। विशेष रूप से दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर का सीधा लाभ गाजीपुर जैसे जिलों को मिलेगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और समय व लागत दोनों की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि अंतर्देशीय जलमार्गों के विस्तार से गाजीपुर को सस्ते परिवहन, कृषि उत्पादों की बेहतर ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही महिलाओं के लिए छात्रावास निर्माण तथा गंभीर बीमारियों की दवाओं के दाम घटाए जाने से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रो. पाण्डेय के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण योजना के लिए ₹40,000 करोड़ और एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान गाजीपुर जैसे जिलों में औद्योगिक निवेश और स्वरोजगार को नई गति देगा।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट पूर्वांचल को विकास का सक्रिय केंद्र बनाने वाला एक मजबूत और दूरदर्शी दस्तावेज है।



